सराफा महा सम्मेलन की तैयारियां तेज : खगड़िया सांसद राजेश वर्मा होंगे शामिल, जेम्स एंड ज्वैलरी पार्क को लेकर CSIDC अध्यक्ष से हुई महत्वपूर्ण चर्चा…
बिलासपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन द्वारा 28 जून 2026 को बिलासपुर में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के “सराफा महा सम्मेलन” की तैयारियां तेज हो गई हैं। देशभर के सराफा व्यवसायियों, स्वर्णकारों और उद्योग विशेषज्ञों की उपस्थिति वाले इस सम्मेलन में बिहार के खगड़िया (भागलपुर) लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं प्रतिष्ठित सराफा व्यवसायी परिवार से जुड़े राजेश वर्मा भी विशेष रूप से शामिल होंगे।
सम्मेलन के लिए आमंत्रण एवं जनसंपर्क अभियान के तहत छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी के नेतृत्व में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने लगातार महत्वपूर्ण मुलाकातों का दौर जारी रखा है। हाल ही में प्रतिनिधिमंडल ने कोरबा प्रवास के दौरान प्रदेश के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन से भेंट कर उन्हें सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया तथा रायपुर के पंडरी कृषि उपज मंडी परिसर में 10 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित ज्वैलरी पार्क को मिली स्वीकृति के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

इसी क्रम में रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (CSIDC) कार्यालय में निगम के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल से भी सौजन्य भेंट की गई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन की ओर से पुष्पगुच्छ भेंट कर ज्वैलरी पार्क की ऐतिहासिक स्वीकृति के लिए उन्हें बधाई एवं धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
बैठक के दौरान ज्वैलरी पार्क के शीघ्र क्रियान्वयन, भूमि आवंटन, आधारभूत संरचना के विकास तथा प्रदेश के हजारों सुनार एवं छोटे सराफा कारीगरों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत एवं सकारात्मक चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने इस परियोजना को प्रदेश के सराफा उद्योग के लिए मील का पत्थर बताते हुए इसे शीघ्र धरातल पर उतारने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर CSIDC अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रस्तावित ज्वैलरी पार्क छत्तीसगढ़ के सराफा उद्योग को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के साथ-साथ रोजगार, कौशल विकास और निर्यात की नई संभावनाएं भी सृजित करेगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री के “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें 28 जून को बिलासपुर में आयोजित होने वाले सराफा महा सम्मेलन में अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया। सम्मेलन में “सुरक्षा प्रथम”, BIS हॉलमार्किंग एवं कार्यशाला, व्यापारिक कानूनों की जानकारी, व्यापारी कल्याण और उद्योग के समक्ष चुनौतियों जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण “स्वर्ण कला बोर्ड” का गठन संबंधी प्रस्ताव रहेगा। इस विषय पर देशभर से आए प्रतिनिधियों के साथ व्यापक चर्चा कर सरकार के समक्ष एक ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत करने की रणनीति बनाई जाएगी। सराफा व्यवसायियों का मानना है कि स्वर्णकार समुदाय एवं आभूषण उद्योग के समग्र विकास के लिए पृथक स्वर्ण कला बोर्ड की स्थापना समय की आवश्यकता है।
सम्मेलन के दौरान सराफा व्यापार एवं संगठन को सशक्त बनाने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पूर्व एवं वर्तमान पदाधिकारियों का सम्मान भी किया जाएगा।
प्रदेश सराफा प्रमुख कमल सोनी ने कहा कि सराफा समाज की एकजुटता, वरिष्ठजनों के मार्गदर्शन और सभी व्यापारियों के सहयोग से प्रदेश में सराफा उद्योग के विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ज्वैलरी पार्क एवं सराफा महा सम्मेलन दोनों ही छत्तीसगढ़ के सराफा उद्योग को नई दिशा और नई पहचान प्रदान करेंगे।


