पूर्व विधायक अरुण तिवारी ने जारी किया ऑडियो, टिकट वितरण में करोड़ों की डील…

बिलासपुर में चुनावी घमासान के बीच कांग्रेस के पूर्व विधायक अरुण तिवारी ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है . अविभाजित मध्यप्रदेश में सीपत विधानसभा सीट से विधायक रहे अरुण तिवारी ने बिलासपुर के मौजूदा महापौर रामशरण यादव के साथ मोबाइल पर बातचीत का एक ऑडियो वायरल किया है . (मीडियान्तर इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता) ऑडियो में महापौर यादव चुनाव के लिए टिकट वितरण में कथित रूप से करोड़ों के लेनदेन की बात करते सुनाई पड़ रहे हैं . वे यह कहते हुए भी सुनाई देते हैं कि कांग्रेस की टिकट के लिए 4 करोड़ की डील हुई है और पैसा हवाला के जरिये रोहतक पहुँचाया गया है . इसी बातचीत में महापौर यादव ने बिलासपुर के विधायक और वर्तमान में कांग्रेस के घोषित प्रत्याशी शैलेश पाण्डेय के कामकाज पर भी अनेक टिप्पणियां की हैं . अरुण तिवारी ने बुधवार को पत्रकारों के समक्ष पूरे मामले का खुलासा किया है .


जारी किये गए ऑडियो में टिकट न मिलने से नाराज कांग्रेसी नेता व महापौर रामशरण यादव ने रोष जाहिर करते हुए कहा है कि सभी सर्वे रिपोर्ट में वे मेरिट में थे . एलआईबी की सर्वे रिपोर्ट में भी कहा गया कि वे 30 हजार से जीतेंगे . लेकिन मेरी टिकट काट दी गई . रामशरण बिलासपुर जिले के बेलतरा विधानसभा क्षेत्र से टिकट के दावेदार थे और उन्होंने परचा भी भर दिया था जिसे तकनीकी कारणों से स्क्रूटनी में निरस्त कर दिया गया था .
ऑडियो क्लिपिंग में रामशरण यादव यह कहते हुए सुनाई पड़ रहे हैं कि मामले में 4 करोड़ की डील हुई है और पैसा हवाला के जरिये रोहतक (हरियाणा) पहुँचाया गया है . तिवारी और यादव के बीच छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की स्थिति और प्रदेश प्रभारियों की भूमिका पर भी खुलकर चर्चा होती सुनाई पड़ती है . यादव कहते हैं, यहाँ आने वाले प्रभारी अपना घर भरने के लिए प्रभारी बनते हैं, चाहे वह बिहार, यूपी या हरियाणा का हो, वे प्रभारी बनने के लिए पैसा देते हैं . ऑडियो में दोनों नेता बिलासपुर के विधायक शैलेश पाण्डेय के विगत 5 वर्षों के कार्यकाल की आलोचनात्मक समीक्षा करते हुए भी सुने जा सकते हैं . यादव ने शैलेश पर विधायक निधि की राशि के अनियमित आबंटन का भी आरोप लगाया है .
अरुण तिवारी ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि वे प्रदेश प्रभारी को चुनौती दे रहे हैं कि वे मुझ पर मानहानि का दावा करें . उन्होंने कहा कि अदालत में आरोप सिद्ध न होने की अवस्था में वे जेल की सजा भुगतने के लिए भी तैयार हैं .
अरुण तिवारी ने कहा कि मीडिया के माध्यम से वे पार्टी की गतिविधियों को उजागर करना चाहते हैं ताकि ये बातें ऊपर तक जाएं और उनकी सुनवाई हो . उन्होंने कहा कि रामशरण फिलहाल डरे हुए हैं इसलिए वो खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं . उधर, रामशरण यादव ने कहा है कि अरुण तिवारी मेरे नाम से भ्रामक जानकारी फैला रहे हैं . मेरी उनसे ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई है .

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