कानन-पेण्डारी जू ; प्रसव पीड़ा से शेरनी की मृत्यु, गर्भ में मौजूद दो शावक भी नहीं बचाए जा सके…

कानन पेण्डारी जूलॉजिकल गार्डन, बिलासपुर में सोमवार को एक शेरनी (मौसमी) की प्रसव के दौरान मृत्यु हो गई . शेरनी की उम्र लगभग 4 वर्ष थी . जू के डाक्टरों ने गर्भवती शेरनी का ऑपरेशन करके उसके गर्भ में मौजूद दो शावकों को बचाने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो सके .
कानन पेंडारी जू के अधिकारियों से मिली अधिकृत जानकारी के अनुसार कानन पेण्डारी जूलॉजिकल गार्डन में सोमवार को एक शेरनी (मौसमी) की प्रसव के दौरान मृत्यु हो गई . मादा शेरनी गर्भवती थी और उसकी सतत् निगरानी की जा रही थी . रविवार को शेरनी में प्रसव के प्रारंभिक लक्षण दिखाई दिये थे और सोमवार तक शेरनी लगातार प्रसव का प्रयास जारी रखे हुई थी . जू अधिकारियों के अनुसार शाम 4.15 बजे प्रसव प्रयास में शेरनी की मृत्यु हो गई . कानन पेण्डारी जू के पशुचिकित्सक के द्वारा शेरनी के नवजात शावकों को बचाने हेतु तत्काल सिजेरियन ऑपरेशन किया गया . चिकितासकों ने पाया कि शेरनी के गर्भ में दो शावक हैं लेकिन दोनों की मृत्यु हो चुकी थी .
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शेरनी की मृत्यु के बाद संचालक, अचानकमार अमरकंटक बायोस्फियर रिजर्व कोनी एवं परिक्षेत्राधिकारी, कानन पेण्डारी जू की मौजूदगी में पशु चिकित्सकों की गठित समिति के सदस्य डॉ. आर.एम त्रिपाठी, डॉ. अजीत पाण्डेय और डॉ. तृप्ति सोनी ने शव-विच्छेदन (पोस्टमार्टम) किया . शव-विच्छेदन के बाद परीक्षण हेतु विसरा एकत्रित किया गया और शेरनी का दाह-संस्कार कर दिया गया . पशु चिकित्सकों की समिति ने शेरनी की मृत्यु का कारण कष्टप्रद प्रसव, Dystocia (Breech presentation) होना बताया है .

जू में बाघिन रम्भा ने 4 शावकों को जन्म दिया…

जू अधिकारियों ने शेरनी के मौत की खबर के साथ- साथ यह भी बताया रविवार 17 अप्रैल की रात को एक मादा बाघ (रंभा) ने 4 बच्चों को जन्म दिया हैं . उन्होंने बताया कि बाघिन (रंभा) का जन्म कानन पेण्डारी जू में ही 25 अप्रैल 2015 को हुआ था . इसके पहले बाघिन रंभा ने 11 नवम्बर 2018 को दो शावकों (भैरव और दुर्गा) को जन्म दिया था . वर्तमान में सभी शावक स्वस्थ है . उन्हें सतत् निगरानी में रखा गया है .

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