कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने गुरूवार को कहा है कि भारतीय जनता पार्टी, छत्तीसगढ़ के चुनाव में पूरी तरह से मुद्दाविहीन है . उसके पास कोई मुद्दा नहीं है , उन्होंने कहा कि एक तरफ भरोसा बरकरार रखने वाली कांग्रेस है और दूसरी तरफ वोट पाने के लिए केवल ध्रुवीकरण पर भरोसा कर रही भाजपा हैं . जयराम रमेश बिलासपुर के एक निजी होटल में आयोजित पत्र-वार्ता में मीडिया से बातचीत कर रहे थे .
उन्होंने कहा, राज्य के लोग भाजपा की विभाजनकारी विचारधारा को स्वीकार नहीं करेंगे .
उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ में भाजपा के पास कोई चुनावी मुद्दा नहीं है . उनका एक ही एजेंडा है- ध्रुवीकरण . देश के गृह मंत्री और आसाम के मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ आकर खतरनाक भाषण दे रहे हैं . कांग्रेस ने इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की है . आयोग ने इस मामले में आसाम के मुख्यमंत्री को नोटिस भी भेजा है .
उन्होंने साफ़ कहा कि 2023 का चुनाव बौखलाई हुई मुद्दाविहीन भाजपा और कांग्रेस के 5 साल के सुशासन के बीच होगा और राज्य की जनता, भाजपा की इस विचारधारा को स्वीकार नहीं करेगी .
जयराम रमेश ने कहा कि आज ही प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ के कांकेर में हैं . प्रधानमंत्री अक्सर संघीय ढाँचे को मजबूत करने की बात करते रहे हैं . भारत के संविधान में भी इसका उल्लेख है . लेकिन भाजपा की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का फर्क है . हकीकत यह है कि प्रतिदिन संघीय ढाँचे पर आक्रमण हो रहा है . जिन राज्यों में बीजेपी सत्ता में नहीं है वहां की राज्य सरकारों को परेशान किया जा रहा है .

उन्होंने मिसाल पेश करते हुए बताया कि केंद्र ने नगरनार स्टील प्लांट को बेचने का निर्णय लिया . कांग्रेस ने इस निर्णय का विरोध किया . मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री मोदी को ख़त भी लिखा . अब पीएम और गृह मंत्री ने कह रहे हैं कि इसका निजीकरण नहीं किया जाएगा . उन्होंने कहा है कि “ऐसा कोई प्रस्ताव ही नहीं था” . जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर तंज कसा कि प्रधानमंत्री मोदी की नजर नगरनार ही नहीं भिलाई स्टील प्लांट पर भी लगी हुई है और ये उसे भी बेच देंगे . उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में जो सार्वजनिक संपत्तियां खड़ी की थीं उसे मोदी सरकार अपने दोस्तों को बेचने का षड्यंत्र रच रही है . इसके पहले, अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय भी कोरबा में बालको प्लांट का निजीकरण किया गया था . केंद्र की निजीकरण की नीति छत्तीसगढ़ के लोगों के हित में नहीं है .
बुधवार को प्रदेश की राजधानी रायपुर में दिए गए धान की एमएसपी के संबंध में दिए बयान पर जयराम रमेश ने स्पष्ट किया कि इसकी घोषणा केंद्र सरकार करती है . एमएसपी तय करना और उसकी घोषणा करना केंद्र सरकार का काम है . राज्य सरकार मार्कफेड के जरिये धान खरीदती है . उन्होंने बताया कि यह स्पष्ट है कि केंद्र अगर 22 सौ रूपये एमएसपी घोषित करती है तो राज्य सरकार उसमें 6 सौ रूपये जोड़कर उसे 28 सौ में खरीदती है . एमएसपी की घोषणा करना और धान खरीदना, दो अलग-अलग बातें हैं .
कांग्रेस के संचार विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयराम रमेश ने कहा, कांग्रेस ने अब तक छत्तीसगढ़ में 17 चुनावी गारंटी दी हैं . उन्होंने कहा कि बुधवार को छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस, 1 नवम्बर से प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की खरीद की गारंटी लागू भी कर दी गई है . इसके अतिरिक्त किसानों की कर्ज माफ़ी, केजी से पीजी तक निःशुल्क शिक्षा, रसोई गैस में 5 सौ की सब्सिडी और 10 लाख तक के मुफ्त ईलाज की गारंटी की भी कांग्रेस ने घोषणा की है . उन्होंने आश्चर्य जताया कि महज 4 दिन बचे हैं, चुनाव में, लेकिन भाजपा ने अभी तक अपना घोषणा पत्र भी जारी नहीं किया है .
