छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के बिल्हा थाना में एक युवक ने अपने पिता की पिटाई से क्षुब्ध होकर ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली . मंगलवार को दिन भर ग्रामीणों ने थाने के सामने धरना-प्रदर्शन किया . अंततः एसएसपी ने आरोपी आरक्षक को निलंबित कर दिया है .
बिल्हा थाना प्रभारी अंजना केरकेट्टा ने बताया कि बिल्हा थाना क्षेत्र के भैंसबोड़ निवासी हरीश चन्द्र गेंदले (23) पिता भागीरथी खेती-मजदूरी करता था . सोमवार को युवक हरीश की बाइक से गाँव की ही एक स्कूली छात्रा की साइकल से टक्कर हो गई जिससे दोनों के बीच वाद-विवाद हो गया . लड़की ने थाने में इसकी शिकायत कर दी . शिकायत मिलने पर पुलिस युवक के घर पहुंची . वह घर में मौजूद नहीं था . बाद में पुलिस ने उसे पकड़ लिया . पुलिस के अनुसार थाने में ही इस मामले में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था . देर शाम को युवक ने बिल्हा रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली .

हरीश के पिता भागीरथी और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार जिस वक्त पुलिस उसके घर पहुंची तब वह वहां मौजूद नहीं था . पुलिस उसके पिता भागीरथी को उठाकर थाने ले गई . हरीश को इसकी जानकारी मिलने पर वह थाने पहुंचा . वहां आरक्षक रूपलाल चंद्रा ने उसके सामने ही भागीरथी की लात-घूंसों से पिटाई की . थाने में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया लेकिन युवक हरीश अपने पिता की पिटाई से दुखी था . उसने रात 8 बजे बिल्हा स्टेशन के पास पहुंचकर वहां से गुजर रही ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली .

इस घटना के बाद मंगलवार को स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया . उन्होंने लगभग पूरे दिन बिल्हा थाने के सामने जमकर हंगामा किया . ग्रामीणों ने आरक्षक रूपलाल चंद्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की . उन्होंने पुलिस पर मामले को रफा-दफा करने के लिए रूपये माँगने का भी आरोप लगाया . एडीशनल एसपी (ग्रामीण) राहुल देव शर्मा ने बताया कि आरक्षक को लाइन अटैच कर दिया गया है और दो सदस्यीय टीम पूरे मामले की जाँच करेगी . इधर, देर रात बिलासपुर की एसएसपी पारुल माथुर ने आरक्षक चंद्रा को प्रथमदृष्टया लापरवाही बरतना पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया .
