पी.सी. ज्वेलर्स पर हीरा जड़ित सोने की पुरानी अंगूठी की वापसी का वाजिब मूल्य नहीं देने का आरोप, सराफा एसोसिएशन ने एसएसपी से की शिकायत, कार्रवाई की मांग…
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर के अग्रसेन चौक स्थित ब्रांडेड ज्वेलरी शोरूम, पी.सी. ज्वैलर्स पर ग्राहकों को ठगने और आभूषणों की वापसी (बायबैक) पर वर्तमान बाजार दर के अनुसार भुगतान न करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को एक औपचारिक शिकायत पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि खरसिया निवासी पारस पटेल ने 11 जून 2018 को बिलासपुर के अग्रसेन चौक स्थित पी.सी. ज्वैलर्स से एक हीरा जड़ित सोने की अंगूठी खरीदी थी। अंगूठी में 5.620 ग्राम (14 कैरेट सोना) था और उसमें 0.46 सेंट हीरा भी जड़ा हुआ था । वर्ष 2018 में अंगूठी का खरीदी मूल्य ₹85,799 चुकाया गया था। कमल सोनी ने बताया कि पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जब वह उसी अंगूठी को वर्तमान दर पर वापस बेचने शोरूम पहुंचा, तो उसे खरीद मूल्य से भी कम राशि देने की पेशकश की गई। जबकि पिछले 8 वर्षों में सोने की कीमतों में भारी उछाल आया है। एसोसिएशन का कहना है कि मेकिंग चार्ज काटकर अंगूठी की वर्तमान कीमत कम से कम ₹1,17,299 होनी चाहिए, लेकिन शोरूम प्रबंधन इसे मानने करने को तैयार नहीं है।
सोनी ने यह भी बताया की अंगूठी की बिलिंग में भी पारदर्शिता का अभाव था। शोरूम द्वारा दिए गए मूल बिल में सोने का भाव, हीरे का भाव और लेबर चार्जेस का अलग-अलग विवरण नहीं दिया गया। बिल में केवल कुल वजन और कुल कीमत दर्शाई गई थी, जिसे एसोसिएशन ने ग्राहकों को अंधेरे में रखने की एक रणनीति बताया है।
छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इसे ‘ब्रांडेड शोरूमों द्वारा चलाया जा रहा लूट का व्यापार’ करार दिया है। प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने कहा है कि इसकी शिकायत राष्ट्रीय स्तर पर की जाएगी। यह एक गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि बीआईएस, उपभोक्ता फोरम सहित अन्य संस्थानों में इसकी शिकायत दर्ज की जाएगी और पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में जन-जागरूकता के लिए सराफा एसोसिएशन द्वारा अभियान भी चलाया जाएगा।
