“बालको” के सामुदायिक विकास कार्यक्रमों से बदल रही है गांवों की तस्वीर…

“बालको” के सामुदायिक विकास कार्यक्रमों से बदल रही है गांवों की तस्वीर…

बालकोनगर, 12 जून 2026। किसी भी उद्योग की वास्तविक सफलता केवल उसके उत्पादन या आर्थिक उपलब्धियों से नहीं मापी जाती, बल्कि उस सकारात्मक बदलाव से आंकी जाती है जो वह अपने आसपास के समुदायों के जीवन में लाता है। जब उद्योग और समुदाय एक-दूसरे के विकास के साझेदार बनते हैं, तब प्रगति का एक ऐसा मॉडल तैयार होता है जो आने वाली पीढ़ियों के लिए समृद्धि और अवसरों के नए द्वार खोलता है।

बालको का मानना है कि क्षेत्र का विकास तभी सार्थक है, जब उसका लाभ स्थानीय समुदाय तक पहुंचे और लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन दिखाई दे। इसी सोच के साथ कंपनी शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। इन पहलों ने न केवल ग्रामीणों के जीवन को अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित बनाया है, बल्कि उद्योग और समुदाय के बीच विश्वास, सहयोग और साझेदारी के संबंधों को भी मजबूत किया है।

सामुदायिक भवन, सीसी (कंक्रीट) सड़क, सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइट और नंद घर जैसी पहल केवल विकास परियोजनाएं नहीं हैं, बल्कि लोगों की आकांक्षाओं, जरूरतों और बेहतर भविष्य के सपनों को साकार करने के माध्यम हैं। इन प्रयासों से जहां समुदाय को बेहतर सुविधाएं और अवसर प्राप्त हुए हैं, वहीं उद्योग को भी एक सशक्त, समृद्ध और सहयोगी सामाजिक परिवेश मिला है। यही साझी प्रगति बालको के सामुदायिक विकास कार्यक्रमों की मूल भावना है।

नेता प्रतिपक्ष, नगर पालिक निगम, कोरबा कृपाराम साहू ने बताया “बालको द्वारा नेहरू नगर में सर्व-सुविधायुक्त निर्मित सामुदायिक भवन हमारे क्षेत्र के लिए एक बड़ी सौगात है। स्थानीय नागरिकों को सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी। कंपनी द्वारा किए जा रहे विकास कार्य क्षेत्र की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।“

सोनगुढ़ा ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती लक्ष्मी सिंह तंवर ने बताया, एक साल पहले जहां सामाजिक कार्यक्रमों, बैठकों और सामुदायिक आयोजनों के लिए लोगों को उपयुक्त स्थान की कमी का सामना करना पड़ता था, वहीं अब बालको द्वारा निर्मित सामुदायिक भवन इस आवश्यकता को पूरा कर रहा है। यह भवन गांव और आसपास के लोगों के लिए एक सामूहिक मंच उपलब्ध कराता है, जहां सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया जा सकता है। इससे न केवल लोगों को सुविधा मिली है, बल्कि सामुदायिक एकता भी मजबूत हुई है। सामुदायिक भवन के साथ-साथ बालको द्वारा गांव में स्थापित सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइटों ने रात के समय सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित की है। साथ ही आंगनवाड़ी का जीर्णोद्धार एवं स्कूल की बाउंड्रीवॉल तथा तलाबों का गहरीकरण करवाया गया। इन विकास कार्यों से गांवों की आधारभूत संरचना समृद्ध हुई है।“
ग्राम पंचायत चूहिया की सरपंच पूजा राठिया ने बताया “बालको द्वारा सीसी (कंक्रीट) सड़क के निर्माण से आवागमन सुगम हुआ है, इस तरह के आधारभूत सुविधाओं से ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में बढ़ोत्तरी हुई है। सभी गांव वासियों को इस आरसीसी सड़क का फायदा मिल रहा है। बालको के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी के विकास कार्य ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।“

बालको का विश्वास है कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ समुदायों का समग्र विकास भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी सोच के अनुरूप कंपनी शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला एवं बाल विकास तथा आधारभूत संरचना के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बालको ने 12 सामुदायिक शौचालय, 2 सामुदायिक मंच और 4 सामुदायिक भवनों का निर्माण कर सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इन पहलों के माध्यम से कंपनी सामाजिक सहभागिता को सशक्त बनाते हुए स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर में सुधार तथा क्षेत्र के समग्र एवं सतत विकास को गति प्रदान कर रही है।

सम्पादक

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