MDMA प्रकरण ; पहले मैनेजर पकड़ा गया था, अब भूगोल बार का संचालक गिरफ्तार…

बिलासपुर में ड्रग मामले में पुलिस ने अंततः भूगोल बार के संचालक को गिरफ्तार कर लिया है . ढाई महीने पहले पुलिस ने इस बार के मैनेजर को अवैध मादक पदार्थ MDMA के साथ गिरफ्तार किया था . छानबीन के बाद पुलिस को पुख्ता साक्ष्य मिलने पर एक अन्य आरोपी अंकित अग्रवाल (36) को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है . पुलिस, प्रकरण से संबंधित ऐसे अन्य व्यक्तियों, जो संसूचित मादक पदार्थ का वित्तपोषण, संधारण और ऐसे अपराधों को संश्रय देने का कार्य करते हैं, उनके संबंध में भी साक्ष्य संकलन कर रही है .
बिलासपुर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार चकरभाठा पुलिस ने 19 जून को बिलासपुर के मैग्नेटो माल में संचालित भूगोल बार के मैनेजर योगेश द्विवेदी उर्फ राम (23) को MDMA (मॉली Molly, एक्स्टेसी Ecstacy, एक्सटीसी XTC). ड्रग्स के साथ पकड़ा था . बिलासपुर में रहने वाला मध्यप्रदेश के रीवा के मूल निवासी राम को चकरभाटा पुलिस ने MDMA ड्रग को बेचते गिरफ्तार किया था .
पुलिस के अनुसार राम, भूगोल बार का मैनेजर था और अंकित अग्रवाल के बार में ड्रग पार्टी अरेंज करने का काम भी करता था . भूगोल बार में ड्रग पार्टी का यह अवैध कारोबार विगत कई माह से चल रहा था .
चकरभाटा पुलिस के अनुसार मैनेजर योगेश द्विवेदी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ड्रग्स डीलर्स की जानकारी जुटा रही थी . मैनेजर के बयान और अन्य तकनीकी जांच के बाद पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली कि रामा लाइफ निवासी, बार संचालक अंकित अग्रवाल भी ड्रग्स कारोबार में शामिल हैं . पुलिस ने सोमवार रात उसे गिरफ्तार कर लिया . पुलिस ने इस MDMA प्रकरण में उसके खिलाफ धारा 21, 27(A) NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है .

क्या है MDMA…
इस ड्रग का पूरा नाम है- मेथिलीनडियोक्सी-मेथाएफेटामाइन . इसे कई दूसरे नामों से भी जाना जाता है. जैसे- मॉली (Molly), एक्स्टेसी (Ecstacy), एक्सटीसी (XTC). इसे लेने के बाद 35 से 45 मिनट में इंसान पर इसका असर दिखने लगता है . इसे टैबलेट या कैप्सूल के रूप में लिया जाता है . लम्बे समय तक इसका सेवन करने से इंसान इसका आदी हो जाता है .
कैसे काम करता है MDMA…
एक रिसर्च के मुताबिक यह ड्रग एक तरह का स्टीमुलेंट है, जो इंसान के मूड को एकाएक बदल देता है. यह इंसानी दिमाग से रिलीज होने वाले कई तरह हॉर्मोन और केमिकल को बढ़ाता है . नतीजतन व्यक्ति को अपने भीतर अनेक किस्म के बदलाव दिखने लगते हैं . एक समय विशेष तक व्यक्ति स्वयं को पहले से बेहतर और अच्छा महसूस करता है .
क्या होता है असर…
MDMA एक सायकोएक्टिव कम्पाउंड है, जिसे लेने के बाद इंसान खुद को एनर्जी से भरा हुआ महसूस करता है. वह काफी खुश रहने लगता है. बातें अधिक करता है. उसे थकावट महसूस नहीं होती. उसकी सोच बदलने लगती है. ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है और हार्ट बीट भी बढ़ती है.
होने वाले नुकसान…
इस ड्रग का असर दिमाग पर सबसे ज्यादा होता है . व्यक्ति एक प्रकार से विवेकशून्य हो जाता है . इस अवस्था में वह जो कहता है खुद ही नहीं समझ पाता. उसके सोचने-समझने की क्षमता का जबरदस्त क्षरण होता है .
शोधकर्ताओं के अनुसार लम्बे समय तक इस ड्रग को लेने से लिवर, किडनी और हार्ट फेल की स्थिति बन सकती है. इसकी वजह से बीमार पड़े मरीज की मौत भी हो सकती है.
क्या है साइड इफेक्ट…
आमतौर पर इस ड्रग का असर 3 से 6 घंटे तक रहता है. शुरुआत में इसका असर ज्यादा लम्बे समय तक भी रह सकता है. ड्रग का असर खत्म होने के बाद इसके कुछ साइडइफेक्ट हफ्तों तक रह सकते हैं. जैसे- डिप्रेशन, ड्रग दोबारा लेने की चाहत, ठीक से नींद न आना, गुस्सा आना, किसी चीज पर ध्यान न लगा पाना.
सोनाली फोगाट मर्डर में भी MDMA…
पिछले दिनों अभिनेत्री और राजनीतिज्ञ सोनाली फोगाट की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने उन्हें 1.5 ग्राम MDMA ड्रग देने की बात कबूल की है.
गोवा में अंजुना पुलिस ने कर्लीज रेस्तरां के वॉशरूम से ड्रग्स जब्त की थी. इस ड्रग्स की जांच के बाद सामने आया है कि यह मेथामफेटामाइन (Methamphetamine) था. दावा किया जा रहा है कि यही ड्रग सोनाली को किसी पेय पदार्थ में मिलाकर दी गई थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इसका खुलासा हुआ है.