एक-दो नहीं, तीन ‘पुष्पा’ चन्दन लकड़ी की तस्करी करते गिरफ्तार, म.प्र. के अनूपपुर के हैं, बिलासपुर में पकड़े गए…

चन्दन लकड़ी की तस्करी करने वाले 3 आरोपियों को बिलासपुर/रतनपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है . उनके पास से करीब 23 किलो श्वेत चन्दन लकड़ी बरामद की गई है . तीनों आरोपी मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के हैं .
पुलिस के अनुसार सोमवार को एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट (ACCU) के निरीक्षक हरविंदर सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि तीन व्यक्ति पेण्ड्रा की ओर से आ रही दो मोटर सायकल में सवार होकर चंदन की लकड़ी की तस्करी करते घूम रहे हैं . तुरंत ACCU और रतनपुर पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया . पुलिस टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए रतनपुर से पेन्ड्रा जाने वाले मार्ग में ग्राम पोंड़ी मोड़ तिराहा के पास घेराबंदी कर 1 मोटर सायकल में सवार 2 व्यक्तियों को 7 नग चंदन की लकड़ी व एक अन्य मोटर सायकल में सवार 1 व्यक्ति के कब्जे से 3 नग चंदन की लकड़ी का परिवहन करते उन्हें पकड़ लिया . पकडे गए तीनों व्यक्तियों से नाम क्रमशः राजेश पनिका, राहुल पाल व ऋषभ जोशी हैं . तीनों के पास चंदन लकड़ी रखने के संबंध में कोई वैध दस्तावेज नहीं थे .

पकड़ी गई चंदन लकड़ी चोरी की होने के संदेह पर आरोपियों पर धारा 41(1-4) जा.फौ./379 भादवि का अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है . तीनों आरोपी मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के हैं . आरोपियों के कब्जे से कुल 10 नग चंदन की लकड़ी जिसका वजन 22 किलो 813 ग्राम और कीमत करीबन 35000 रूपये है, जब्त की गई है . आरोपियों को न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है .
मिली जानकारी के अनुसार जब्त चन्दन लकड़ी श्वेत (सफ़ेद) रंग की हैं . बाज़ार में इसका मूल्य रक्त (लाल) चन्दन की लकड़ी से अपेक्षाकृत कम है लेकिन श्वेत चन्दन ज्यादा खुशबूदार होती है . श्वेत चन्दन का उपयोग अमूमन पूजा-पाठ और हवन आदि में होता है . इससे औषधियां और इत्र भी बनाया जाता है . दोनों प्रकार की चन्दन लकड़ियों का बाजार मूल्य कम से कम 5 हजार रूपये प्रति किलो है .